| 1. | २-सर्व प्रथम रोगी को स्नेहपान कराके स्नेहन करें.
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| 2. | वेयरिंग तथा दूसरे गतिमान् भागों का स्नेहन (
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| 3. | अत: इन पंच कर्मों से पूर्व स्नेहन स्वेदन
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| 4. | केरोसीन (स्नेहन के लिए तेल मिश्रण के साथ
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| 5. | गंभारी की पत्तियां स्नेहन और ठण्डी होती है।
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| 6. | एतदर्थ-घृतपान करावें. स्नेहन क्रिया के लिए-कल्याणकं पञ्चगव्यं महातिक्तमथापि वा.
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| 7. | पूर्व कर् म 1. स्नेहन, 2.
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| 8. | क्लेदन २. स्नेहन ३. रसन ४.
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| 9. | ये स्नेहन प्रत्येक पंचकर्म से पूर्व किए
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| 10. | [संपादित करें] दाने (कण) का स्नेहन
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