राहदरी में उसकी उपस्थिति से अनभिज्ञ अपनी रौ में बोलते सिन्हा की भारी आकर्षक आवाज और उस पर प्रतिक्रियास्वरूप स्वामीनाथन का कटाक्षपूर्ण फूहड़ ठहाका पिघले हुए सीसे-सा कानों में टपकता, परदों पर फफोलों-सा फूलता, मांस में गहरे धँसकर रह गए बबूल के काँटे-सा टीसता, समूची देह को लँगड़ाहट में बदलता...
परिभाषा
लँगड़ा होने की अवस्था या भाव :"लँगड़ेपन के कारण वह दौड़ नहीं सकता" पर्याय: लँगड़ापन, पंगुता,
भचक कर चलने या लँगड़ाने की अवस्था या भाव:"आपके लँगड़ाने का कारण क्या है ?" पर्याय: लँगड़ाना, लँगड़ापन, भचक,