भूपृष्ठीय परिवर्तनों के अध्ययन को बहुधा गतिकीय भूविज्ञान भी कहते हैं ।
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भूपृष्ठीय परिवर्तनों के अध्ययन को बहुधा गतिकीय (dynamical) भूविज्ञान भी कहते हैं ।
4.
तिथि किस कार्य में भूपृष्ठीय हो और किस में भूकेंद्रीय इसका स्पष्ट निर्देश शास्त्रों में मिलता है, पर शास्त्रकारों में मतभेद हैं।
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वैज्ञानिकों को संदेह है कि बदलती हुई विधियां जैसे कि सिंचाई के लिए नदियों और तालाबों के भूपृष्ठीय जल के स्थान पर भूमिगत जल का अधिक उपयोग भी इसका कारण हो सकता है।
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इसी से जुड़ी एक अन्य बात है, वह यह कि चंद्र का गणित भूपृष्ठीय (टोपोसेंट्रिक) होने पर भूकेंद्रीय (जियोसेंट्रिक) गणित से लगभग डेढ़ अंश का अंतर आता है, जो तिथिमान में अंतर पैदा करता है।