Farishta writes that he was not challenged by the local army and he carried back within him several camel loads of gold and silver . फरिश्ता ने लिखा है कि कांगड़ा की सेना , चाँदी ऊंटो पर लाद कर ले गया था.वह अपने साथ हजारों मन सोना , वहां छोड़ कर स्वयं लौट गया .
परिभाषा
इस्लाम के अनुसार अल्लाह का दूत :"नकीर तथा मुनकिर नामक फरिश्ते कब्र में मुरदे से सवाल पूछते हैं" पर्याय: फ़रिश्ता,