| 1. | अथवा यूँ कहिए की ज्ञान-मीमांसा खड़ी होती है.
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| 2. | ज्ञान-मीमांसा से फलित तथा उसी पर आधारित होती है.
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| 3. | अथवा यूँ कहिए की ज्ञान-मीमांसा खड़ी होती है.
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| 4. | ज्ञान-मीमांसा के प्रसंग में लेखक ने कईमहत्त्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला है.
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| 5. | दमित समाज की ज्ञान-मीमांसा की उपेक्षा इसमें कैसा भ्रमजाल पैदा करती है.
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| 6. | एपिस्टॅमॉलॉजी अर्थात् ज्ञान-मीमांसा की बुनियाद पर ही परिकल्पनाओं के प्रसाद की रचना की गयी है.
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| 7. | ज्ञान-मीमांसा के असर में औपनिवेशिक आधुनिकता के बरअक्स ' देशी आधुनिकता' के प्रचलित लक्षण नजरअंदाज होते रहे।
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| 8. | एपिस्टॅमॉलॉजी अर्थात् ज्ञान-मीमांसा की बुनियाद पर ही परिकल्पनाओं के प्रसाद की रचना की गयी है.
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| 9. | इस नतीजे तक पहुँचने के लिए पहले तो मार्क् सवादी ज्ञान-मीमांसा का ककहरा पढ़ाया गया है।
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| 10. | दर्शन की दूसरी प्रमुख शाखा ज्ञान-मीमांसा है, जो ज्ञान के स्वरूप और साधनों पर विचार करती है।
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