गोदावरी नदी के पास फैली यह पहाडयां राजू व उसके साथियों की आश्रयदात्री व प्रशिक्षण केन्द्र दोनों थी।
3.
नीलोत्पल की सुवास से गंधित एक आभा-मंडल पांचाली के साथ चलता है, आश्रयदात्री के कौतूहल को शान्त कर दिया था यह कह कर कि पाँच गंधर्व उसके पति हैं.
4.
अर्थ-चंद्रमा के समान प्रभा वाली, अपनी कीर्ति से देदीप्यमान, स्वर्गलोक में इंद्रादि देवों से पूजित अत्यंत उदार कमल के मध्य रहने वाली, आश्रयदात्री आपकी मंै शरण में आता हूं।