The British Government had insisted on nominating only definitely communal Muslims , and these , under the leadership of the Aga Khan , actually went to the length of allying themselves with the most reactionary and , from the point of view not only of India but of all progressive groups , the most dangerous elements in British public life . ब्रिटिश सरकार उसके लिए ऐसे मुसलमानों को नामजद करने पर तुली हुई थी , जो हर तरह से सांप्रदायिक हों और आगा खां के नेतृत्व में तो ये लोग इतने नीचे उतर गये कि इंग़्लैंड के सार्वजनिक जीवन के सबसे ज़्यादा प्रतिक्रियावादी और हिंदुस्तान की नहीं , बल्कि सभी प्रगतिशील वर्गों के नजरिये से सबसे ज़्यादा खतरनाक व्यक़्तियों तक के साथ मिलने के लिए तैयार हो गये .